Hindi Poem for Class 1 | Hindi Kavita for Class 1

अगर आप के घर में छोटे बच्चे class 1 मे है तो आप को Hindi Poem for Class 1 जानना चाहिए। आज में आप लोगो को हिंदी कविता बताने जा रहा हु | छोटे बच्चो को कविता सीखने के लिए आप को Hindi Poem for Class 1 की कविता आने चाहिए। बहुत से लोग इंटरनेट पर हिंदी कविता ढूढ़ते है लेकिन उनको मन मुताबिक कविता नही मिल पाती है |

अगर आप के घर में छोटे बच्चे class 1 मे है तो आप को Hindi Poem for Class 1 जानना चाहिए। आज में आप लोगो को हिंदी कविता बताने जा रहा हु | छोटे बच्चो को कविता सीखने के लिए आप को Hindi Poem for Class 1 की कविता आने चाहिए। बहुत से लोग इंटरनेट पर हिंदी कविता ढूढ़ते है लेकिन उनको मन मुताबिक कविता नही मिल पाती है |

Short Hindi Poems for Class 1

आलू कचालू बेटा

आलू कचालू बेटा कहाँ गए थे,
बन्दर की झोपडी में सो रहे थे,
बन्दर ने लात मारी रो रहे थे,
मम्मी ने प्यार किया हंस रहे थे,
पापा ने पैसे दिए नाच रहे थे,
भैया ने लड्डू दिए खा रहे थे….

मेरी प्यार माँ तू कितनी प्यारी है माँ

मेरी प्यार माँ तू कितनी प्यारी है माँ
जग है कांटों की सेज तू फुलवारी है
तेरी वजह से मैं इस जग में आया
तूने मुझे जीना सिखाया
माँ तू मुझे अच्छी अच्छी बातें है सिखाती
करूं जो मैं शैतानी तो डांट भी लगाती
तेरी ममता के साये में बीता मेरा बचपन
आशीष दे माँ तेरी सेवा में हो मेरा यह जीवन अर्पण

Hindi Poem for Class 1

अक्कड़ बक्कड़ बम्बे बो,
अस्सी नब्भे पूरे सौ,
सौ में लगा धागा,
चोर निकल के भागा….

  ****************************

मेरी बिल्ली रानी है
लेकिन बड़ी सयानी है।
दिन भर घर में घूमती है
चूहों को भी मार भगाती है।
मम्मी जब दूध रखती है
झटपट आकर पीती है। ।

*************************************************

बन्दर मामा बन्दर मामा,पहने कुर्ता और पजामा।

गए मनाने थे पिकनिक,हुई रास्ते में झिकझिक।

कालू कुत्ता सोया था,सपनों में वह खोया था।

मामा का जब पैर पड़ा,कुत्ता फौरन हुआ खड़ा।

खूब दूर-दूर तक दौड़ाया,मामा का सिर चकराया।

कुत्ता बोला भौं भौं भौं,मामा बोले खौं खौं खौं।

इसे भी पढ़े – Hindi Poem for Class 2

***************************************************************

Hindi Poem Recitation for Class 1

नानी मेरी नानी
सारे जग से सयानी।
रोज सुनाती कहानी
कभी राजा कभी रानी
उनको याद जुबानी।
जब भी कोई तंग करता
डांट लगाती पुरानी। ।

***************************************************

Hindi Poem for Class 1 in Hindi

आम है फलों का राजा
उसको खाते सब कोई ताजा
पापा जब भी बाजार जाते
ढेर सारे आम लाते
आम फल का राजा है
मैं पापा का राजा हूं
छोटा सा हूं , मोटा सा हूं
गोदी में सबके खेलता हूं।

*****************************************

चंदा मामा कविता

चंदा मामा आए हैं
रात भी हो गई है
तारों का आसमान है
टिमटिम टिमटिम तारे हैं
आंगन में डली चारपाई है
कहानियों की शामत आई है।

************************************************

मछ्ली जल की रानी है

मछ्ली जल की रानी है
जीवन उसका पानी है
हाथ लगाओ तो डर जाएगी
बाहर निकालो तो मर जाएगी
पानी मे डालो तो तैर जाएगी…

*********************************************

गरम गरम लड्डू सा सूरज,
लिपटा बैठा लाली में,
सुबह सुबह रख आया कौन,
इसे आसमान की थाली मे।

मूंदी आँख खोली कलियों ने,
बागों में रंग बिरंगे फूल खिलाए,
चिड़ियों ने नया गान सुनाया,
भंवरों ने पंखों से ताली बजाई।

फुदक फुदक कर रंग बिरंगी,
तितलियों की टोली आई,
पंख फैलाकर मोर ने नाच दिखाएं,
तो कोयल ने भी कुक बजाई।

उठो उठो अब देर ना हो जाए,
कहीं सुबह की रेल निकल न जाए,
अगर सोते रह गए तो,
आगे नहीं बढ़ पाएंगे।

                  ***********************************************************

छुक छुक करती रेलगाड़ी आयी,
पो पो पी पी सीटी बजाती आयी,
इंजन है इसका भारी-भरकम।

पास से गुजरती तो पूरा स्टेशन हिलाती,
धमधम धमधम धमधम धमधम,
पहले धीरे धीरे लोहे की पटरी पर चलती।

फिर तेज गति पकड़ कर छूमंतर हो जाती,
लाल बत्ती पर रुक जाती,
हरी बत्ती होने पर चल पड़ती।

देखो देखो छुक छुक करती रेलगाड़ी,
काला कोट पहन टीटी इठलाता,
सबकी टिकट देखता फिरता।

भाग भाग कर सब रेल पर चढ जाते,
कोई टूट न पाए इसलिए,
रेलगाड़ी तीन बार सीटी बजाती।

छुक छुक करती रेलगाड़ी आयी।

                            ************************************************

Hindi Poems for Class 1 on Mother

मां तो जन्नत का फूल है,
प्यार करना उसका उसूल है,
दुनिया की मोहब्बत फिजूल है,
मां की हर दुआ कबूल है ,
मां को नाराज करना
इंसान तेरी भूल है ,
माँ के कदमो की मिट्टी
जन्नत की धूल है !

                               **************************************************

माँ क्या नहीं होती है
साँस होती है , जान होती है
सुख होती है प्राण होती है
माँ क्या नहीं होती है
जीवन होती है , जहँ होती है
जीवन का मकसद और
जीने का सहारा होती है
माँ क्या नहीं होती है!

 ****************************************************************************

hindi poem for class 1

hindi poem for class 1

मुझे उम्मीद है की यह हिंदी कविता अच्छी लगी होंगे अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो आप अपने दोस्तों के साथ इसे शेयर करे और कमेंट कर के बताये मुझे बहुत अच्छा लगेगा धन्याद |

रोहन सिन्हा hindiinsider.com पर एक लेखक है जो पिछले 1 साल से इस वेबसाइट पर कंटेंट लिख रहे है यह business,finance,biography etc के बारे में पिछले 5 साल से लिख रहे है

Leave a Comment