Atibala ke Fayde | Atibala Benefits in Hindi | अतिबला के औषधीय गुण

अतिबला का पौधा एक बहुत ही औषधीय गुण वाला पौधा है यह आज से ही नहीं बल्कि इसको प्राचीन काल से बहुत सी बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल में किया जा रहा है क्या आप जानते हैं अति बला का पौधा क्या होता है और इसका उपयोग करने से किन किन रोगों में लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अति बला के जड़, फूल, पत्ते सभी चीजें अलग-अलग प्रकार के रोगों के लिए काम में आती है। इसके अलावा यह  तीखी कड़वी और हल्की चिकनी आदि को संतुलित करने वाली बहुमूल्य औषधि है और इससे बहुत लाभ होता है, मनुष्य की आयु, शरीर का बल, चमक और यह सबसे अधिक मनुष्य की योन शक्ति को बढ़ाती है, इतना ही नहीं आयुर्वेद में तो यह भी बताया गया है कि अतिबला का अर्क बार-बार पेशाब में लगने वाली समस्या को भी खत्म करता है। इसकी छाल से खून का बहाव को रोका जा सकता है। अतिबला की जड़ दर्द नाशक और बुखार उतारने के लिए भी प्रयोग में ली जाती है,अतिबला के बीज से कफ निकालने वाले होते हैं, अतिबला की जड़ का तेल दर्द निवारक होता है, आइए जानते हैं अति बला के क्या फायदे होते हैं, इसके क्या नुकसान हैं atibala benefits in hindi के बारे में जानकारी.. 

Table of Contents

अतिबला का पौधा एक बहुत ही औषधीय गुण वाला पौधा है यह आज से ही नहीं बल्कि इसको प्राचीन काल से बहुत सी बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल में किया जा रहा है क्या आप जानते हैं अति बला का पौधा क्या होता है और इसका उपयोग करने से किन किन रोगों में लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अति बला के जड़, फूल, पत्ते सभी चीजें अलग-अलग प्रकार के रोगों के लिए काम में आती है। इसके अलावा यह  तीखी कड़वी और हल्की चिकनी आदि को संतुलित करने वाली बहुमूल्य औषधि है और इससे बहुत लाभ होता है, मनुष्य की आयु, शरीर का बल, चमक और यह सबसे अधिक मनुष्य की योन शक्ति को बढ़ाती है, इतना ही नहीं आयुर्वेद में तो यह भी बताया गया है कि अतिबला का अर्क बार-बार पेशाब में लगने वाली समस्या को भी खत्म करता है। इसकी छाल से खून का बहाव को रोका जा सकता है। अतिबला की जड़ दर्द नाशक और बुखार उतारने के लिए भी प्रयोग में ली जाती है,अतिबला के बीज से कफ निकालने वाले होते हैं, अतिबला की जड़ का तेल दर्द निवारक होता है, आइए जानते हैं अति बला के क्या फायदे होते हैं, इसके क्या नुकसान हैं atibala benefits in hindi के बारे में जानकारी.. 

अतिबला क्या है?

अतिबला का पौधा एक जड़ी बूटी वाला औषधीय पौधा है यह बहुत अधिक वर्षों तक हरा भरा रहने वाला जालीदार पौधा होता है। इसके रोए कोमल सफेद जैसे मखमली होते हैं। इसके तने गोल और बैंगनी कलर के होते हैं। अतिबला की मुख्य प्रजाति के अतिरिक्त दो अन्य प्रजातियों का प्रयोग चिकित्सा कार्यों के लिए भी किया जाता है।अतिबला के पौधे का उपयोग इससे होने वाले स्वास्थ्य संबंधी लाभ के लिए किया जाता है। कई हिस्सों में तो इस पौधे को कंगी पौधे के नाम से भी जाना जाता है। यह झाड़ीनुमा पौधा होता है। सामान्य रूप से यह एक से डेढ़ मीटर तक लंबा होता है। उचित स्थानों पर तो यह 3 मीटर तक भी लंबा होता है। अतिबाला के मुख्य प्रजाति के अतिरिक्त अन्य प्रजातियों में बीज चिकित्सा के लिए अति बला का प्रयोग किया जाता है-

Atibala Benefits in Hindi

1.Abutilon pannosum Schlect.A. Glaucum sw

यह पौधा भी अति बला की तरह ही बहुत वर्षों तक हरा भरा रहने वाला जालीदार पौधा होता है। इसकी लंबाई अति बना के पौधे से दोगुनी होती है, लेकिन इसके फल अतिबला की तरह ही होते हैं। बहुत सी जगह पर इनका प्रयोग अतिबाला के रूप में भी किया जाता है। यह पौधा अतिबला से कम गुण वाला औषधीय पौधा होता है। इसको केवल सभी जगह मिलावट के लिए  प्रयोग में लेते हैं। यह सूजन को कम करता है, डायबिटीज में बहुत फायदेमंद है। जीवाणुओं को समाप्त करने वाला, दर्द नाशक घाव को ठीक करने वाला यह पौधा है।

2.Abutilon indicum sweet ssp. guineense Borss (चार्मिल कंक्तिक,)

यह पौधा अति बला के समान दिखने वाला ही पौधा होता है। यह हमारे भारतवर्ष में खरपतवार के रूप में भी पाया जाने वाला पोधा है। इसके फूल में हल्की पीली और लाल रंग की या फिर पीले रंग की पत्ती होती है। इसका फल कंगी के समान दातों वाला होता है। इसका प्रयोग भी अति बला के स्थान पर ही किया जाता है। यह भी अतिबला से कम गुण वाला अधिक पेशाब लाने वाला,बहते खून को रोकने वाला, बलगम निकालने वाला,अधिक बल प्रदान करने वाला,शरीर की सूजन को सही करने वाला, एक दर्दनाशक के रूप में यह पौधा होता है। अतिबाला पौधे का वैज्ञानिक नाम एब्यूटीलॉन इंडिकम होता है

Atibala Called in Different Language

अतिबाला का लैटिन नाम एबीटी लोन इंडिकम है। यह मालवेसी कुल का एक औषधीय पौधा है। इसके अलावा इसको अन्य भाषाओं में अलग-अलग नामों से भी पुकारा जाता है आइए जानते हैं..

  • हिंदी – कंघी, झम्पी
  • English – indian mallow,country mallow
  • संस्कृत – अतिबाला कंकतिका
  • Odia –  namo honi, pilis
  • Urdu – kanghi plants
  • Konkani – voddlipettari
  • Kannada – shrimudrigida
  • Gujarati – खपात, कांसकी, डावली
  • अरबी – मस्त- उल – गुल, दिशार
  • पर्शियन – दरख़्त- ए – शाहनाह
  • पंजाबी – पीली बूटी, कंग

tibala benefits in hindi

 Benefits of Atibala in Hindi (अतिबला के फायदे)

Atibala benefits  in hindi में सन 2010 के फार्मोकोलॉजी जनरल में दोनों शोधकर्ताओं ने बताया कि अति बला जैसे औषधीय पौधों को लंबे समय तक मनुष्य के द्वारा प्राप्त लाभ करने के लिए इसको प्रयोग में लाया जा सकता है। अधिकतर लोगों के लिए यह बहुत सुरक्षित माना गया है, हालांकि आपको पहले अगर कोई बीमारी है या फिर कोई गर्भवती स्त्री है, और बच्चे को स्तनपान करवा रही है, या फिर किसी दवा का सेवन कर रही है तो इस पौधे को प्रयोग में लेने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले लें। आइए जानते हैं अतिबला के औषधीय गुण वाले पौधे के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं-

1.Atibala benefits in hindi for liver protection ( अतिबला का लीवर के लिए फायदा)

अतिबाला का उपयोग लीवर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी किया जाता है, अर्थात इस औषधि का प्रयोग लीवर को सही बनाने के लिए व्यक्ति कर सकता है। लैब में किए गए एक रिसर्च में पाया गया है कि यह पौधा कार्बन टेट्राक्लोराइड पेरासिटामोल के कारण होने वाले लिवर की क्षति से हमारे शरीर की रक्षा करता है। atibala benefits in hindi के मुताबिक वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि अतिबला के पौधों का अर्क फ्री रेडिकल्स के उत्पादन को भी प्रभावित कर हेपेटोप्रोटेक्टिव यानी डिलीवर रक्षा करने वाले गुणों से युक्त इस पौधे को माना गया है।

2.Atibala Benefits for Pain Relief in Hindi

Atibala powder जड़ के फाइटोकेमिकल अर्थात प्लांट केमिकल की संरचना पर किए गए हैं एक रिसर्च में पाया गया है कि इसके पेट्रोल में कुछ महत्वपूर्ण तत्वों की मौजूदगी होती है जो निम्न प्रकार से हैं..

  • लिनोलेनिक एसिड
  • ओलिक एसिड
  • स्टेयरिक एसिड
  • पालमिकटिक एसिड
  • लारिक एसिड
  • मेरिस्तिक एसिड
  • क्रेपिक एसिड
  • क्रेपिलिक एसिड

यह सभी फैटी एसिड दर्द में बहुत ही राहत प्रदान करते हैं atibala benefits in hindi रिसर्च जानवरों पर की गई लैब में अध्ययन के अनुसार सभी वैज्ञानिकों ने अतिबाला पौधों से निकाले गए यूजिनॉल केआरके के प्रभाव का निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि चूहों में इन एसिड की कुछ मात्रा का प्रयोग करने से दर्द कम करने में फायदेमंद सिद्ध हुई है। हालांकि इंसानों में दर्द कम करने के लिए इसके प्रभाव को जानने के लिए अभी और अधिक रिसर्च की आवश्यकता है। लेकिन दर्द में राहत देने के लिए फाइटोकेमिकल्स की मात्रा और कंगी पौधे की प्रभावशीलता के बारे में जानने के लिए और ज्यादा अधिक मेहनत और रिसर्च करने की जरूरत है। इंसानों में भी इसके प्रभाव को जानने के लिए छोटा सा रिसर्च किया गया था। atibala benefits in hindi रिसर्च 1 महीने में 33 रोगियों के साथ किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने देखा कि भूमि आमला के साथ 10 ग्राम अतिबला की जड़ के काले के सेवन करने से डायबिटीज न्यूरोपैथी के दर्द को कम करने में और कुछ लक्षणों को रद्द करने में भी इससे मदद मिलती है।

3.Atibala Benefits for Antioxidants Effects in Hindi अतिबला के फायदे एंटी ऑक्सीडेंट के लिए – 

Atibala benefits in hindi के लिए हुए कई रिसर्च से पता चला है कि अति बला के पौधे में n-hexane और बुटाना लक्मे धीमी गति से और तेज गति से प्रतिक्रिया करने के एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं यह सुपर ऑक्साइड जैसे हानिकारक फ्री रेडिकल्स को हटाने में भी मदद करते हैं। atibala benefits में फ्री रेडिकल्स उत्तको और अंगों में भी ऑक्सीडेटिव क्षति का कारण बन सकते हैं। पौधों के ऊपरी वाला हिस्सा जड़ में फ्लेवोनॉयड और फेनोलिक योगिक होते हैं जो एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव को और भी अधिक मजबूती देते हैं। इसके अलावा atibala benefits in hindi के अनुसार इस पौधों का फ्री रेडिकल्स हटाने का गुण इस की खुराक पर भी डिपेंड होता है। इसका तात्पर्य यह होता है कि खुराक जितनी अधिक होगी यह मुक्त कणों को हटाने में उतना ही प्रभावशाली रहेगा।

4.Atibala Benefits for Lowering Blood Sugar in Hindi (ब्लड शुगर कम करने का फायदा)

Atibala benefits in hindi के अनुसार एक लैब में चूहों पर किए गए एक रिसर्च में पता चला है कि अति बला ब्लड शुगर के स्तर को भी कम कर सकती है। इस स्थिति को जानने के लिए चूहों में बॉडी वेट के हिसाब से 400 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम की खुराक दी गई थी। उसके बाद वैज्ञानिकों ने देखा कि अतिबला के पौधों का अल्कोहल और पानी का अर्थ ब्लड शुगर को 23.1% और 26.95% तक कम करने में प्रभावी होता था। मनुष्य में ब्लड शुगर के स्तर पर इसका प्रभाव जानने के लिए अभी और अधिक रिसर्च की आवश्यकता इसमें पड़ेगी।

5.Atibala Benefits in Gout in hindi (गाउट में फायदा)

अति बला की पत्ती का अर्क एक्यूट और क्रॉनिक दोनों प्रकार के इन्फ्लेमेशन को कम करने के लिए प्रभावी माना गया है रिसर्चकर्ता ने महाराष्ट्र से कलेक्ट किए गए एक सैंपल में अति बला की पत्तियों का अर्थ मानव के लाल रक्त कोशिकाओं को स्थितिकरण में मदद कर सकता है। atibala benefits in hindi के आधार पर सभी रिसर्च कर्ताओं ने यह रिजल्ट दिया कि गाउट जैसी सूजन से जुड़ी बीमारी के इलाज में यह एक बहुत ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। सभी शोधकर्ताओं का तो यह भी मानना है कि अति बला की पत्तियों में अमीनो एसिड ग्लूकोस फ्रुक्टोज गैलेक्टोज होते हैं। इसकी जड़ से तेल भी बनाया जाता है। रिसर्च में यह भी पता लगा है कि अतिबला के पौधे में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण अर्थात लोगों को सही करने में यह बहुत सहायक सिद्ध होते हैं।

6.Atibala Benefits for Eyes Problem in Hindi (आंखों की समस्या के लिए फायदेबंद)

Atibala benefits in hindi के अनुसार अतिबाला के पत्तों का अगर काढ़ा बनाकर उसको ठंडा करके फिर उससे  अपनी आंखों को धो लिया जाए तो इससे आंखों में हो रहे अनेक प्रकार के रोगों में लाभ मिलता है।

7.Atibala Benefits in Relief form Toothache in Hindi  (दांत दर्द के इलाज के फायदेमंद )

Atibala benefits in hindi के अनुसार अतिबला का उपयोग अगर दांत दर्द के इलाज के लिए करें अर्थात इसके पत्तों का काढ़ा बनाकर गरारा करने से और बहुत देर तक मुंह में रखने से कुल्ला करें। इससे दातों में हो रहे दर्द से राहत मिलती है इसके अलावा मसूड़ों की सूजन भी समाप्त हो जाती है।

8.Atibala Benefits Powder in Cough Treatment in hindi (खांसी में राहत के लिए फायदेमंद)

Atibala benefits in hindi के अनुसार अति बनाकर अगर फूल को सुखाकर पीसकर atibala powder तैयार करके 1- 2 ग्राम की मात्रा में घी के साथ सेवन करने से सुखी खासी खून वाली उल्टी में बहुत लाभ प्राप्त होता है। इसके अलावा अतिबला के बीज और वासा के पत्तों का काढ़ा बनाकर 10 से 20 मिलीग्राम मात्रा में सेवन करने से खांसी में भी बहुत ज्यादा राहत मिलती है।

9.Atibala Benefits in Piles Treatment in Hindi (बवासीर के इलाज के लिए फायदेमंद)

Atibala benefits in hindi के अनुसार अगर अति बला के बीजों को कूट-कूट कर रात भर पानी में भिगो लिया जाए, इस पानी को 10 से 20 मिलीग्राम पीने मात्र से तथा अति बला के पत्तों की सब्जी बनाकर खाने से बवासीर जैसी बीमारी में बहुत लाभ प्राप्त होता है। इसके अलावा 1-2 ग्राम atibala powder में शहद मिलाकर या अति बला की जड़ से 20 से 30 ग्राम काढ़े का सेवन करने से भी बहुत लाभ प्राप्त होता है।

10.Atibala Benefits in Skin in Hindi (स्किन के लिए फायदेमंद)

अति बला का सेवन करने से त्वचा संबंधित सभी समस्याएं दूर होती है तथा त्वचा में नमी भी बनी रहती है ऐसा भी माना जाता है कि नारियल के तेल के साथ atibala powder को थोड़ी मात्रा में मिलाने से हमारी स्किन को बहुत लाभ प्राप्त होता है। इसके अलावा इसके सेवन करने से कील मुँहासे दाने, फुंसी की समस्या नही होती है।

11.Atibala Benefits for Liver and Acidity in Hindi (लीवर और कब्ज के लिए फायदेमंद)

Atibala benefits in hindi के अनुसार अतिबला के पौधों में मौजूद एन्टी माइक्रोबियल प्रॉपर्टी आपके लिवर की स्वस्थ रखने में बहुत मदद करता है। ऐसा भी माना जाता है अति बला के पौधे की पारक शरीर में फ्री रेडिकल्स के प्रोडक्शन को रोकने में भी मदद करती है। शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स हमारे लिवर को प्रभावित करते हैं। इस पौधे में फ्री रेडिकल्स को रोकने के गुण पाए जाते हैं, इसीलिए अतिबला का पौधा लीवर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा शरीर में बढ़ रहे पीएच लेवल को भी यह बढ़ाता है, और गैस्टिक लेवल को कम करने में भी मदद करता है, गैस से भी आसानी से छुटकारा मिल जाता है।

12.atibala Benefits of Cures Urine Problems (पेशाब संबंधित रोग)

10 से 20 मिलीग्राम अतिबाला की जड़ का काढ़ा से सेवन से पेशाब में होने वाली सभी प्रकार की परेशानियों को लाभ मिलता है। atibala benefits in hindi के अनुसार अति बला के बीजों को मोटा कूट कर  रात भर पानी में भिगोने से इसके पानी को 10 से 20 मिलीग्राम की मात्रा में पहले से राहत मिलती है। इसके अलावा अतिबला के पत्तों की वस्ति तथा उत्तर बस्ती देने से मूत्राशय का सूजन ठीक होता है इसके अलावा मूत्र मार्ग से होने वाला स्त्राव भी बंद हो जाता है।

 13.atibala Benefits in Controlling Diabetes डायबिटीज में फायदेमंद

Atibala बीज, तालमखाना, बुलेट, वंशलोचन, शीलारस, सालिम, शक्ति, भस्म के साथ ही प्रवाल भस्म, बहेड़ा हरित  शुद्ध शिलाजीत, इलायची तथा बंग भस्म आदि का बारीक पाउडर बनाना उन सभी में शहद मिलाकर 125 मिलीग्राम की एक वटी बना ले और एक-एक वटी सुबह-शाम सेवन करने से डायबिटीज में बहुत लाभ प्राप्त होता है।

1 से 2 ग्राम atibala powder का सेवन करने से भी मधुमेह में लाभ प्राप्त होता है।

14.Benefitis of atibala in metrorrhagia problem in hindi (महामारी में अधिक खून बहना)

Atibala benefits in hindi के अनुसार 12 ग्राम अति बला की जड़ को बारीक कूटकर atibala powder बनाकर उसमें चीनी और शहद मिलाकर खाने से बहुत आराम अधिक खून बहने में मिलता है।

15.Atibala Benefits Treats Leucoderma in Hindi (सफेद दाग का इलाज)

Atibala benefits in hindi के अनुसार Atibala powder 1या 2  ग्राम, में चंदन कल्क, तुबरक तेल, बाकूची तेल आदि को मिलाकर इनका सफेद दाग पर लेप करने से लाभ प्राप्त होता है।

16. Atibala Benefits Cure Jaundice in Hindi (पीलिया रोग में फायदा)

Atibala powder में शहद मिलाकर या अति बला की जड़ से 20 30 मिलीग्राम काढ़ा बनाकर पीने से पीलिया रोग में बहुत लाभ प्राप्त होता है।

17.Atibala Benefits Helps in Weakness in Hindi (शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए)

Atibala benefits in hindi के मुताबिक 2-3 ग्राम atibala powder पीस ले, 10 ग्राम अतिबला जड़ का काढ़ा इनमें शहद और घी एक साथ मिलाकर सुबह-शाम का प्रतिदिन सेवन करें। जब इसको रोजाना आप सेवन करते हैं उसके कुछ घंटे बाद ही आप दूध तथा घी मिलाकर चावल खाएं, इससे बुद्धि बढ़ती है, शरीर को ताकत मिलती है और आपकी याददाश्त भी बहुत बढ़ती है।

18 Atibala Benefits in Fighting with Fever in Hindi (बुखार उतारने के लिए)

Atibala benefits in hindi  मे बुखार के लिए अति बला के 10 से 20 ग्राम काढ़े में 1 ग्राम सोंठ या अतिबला के जड़ को रात भर पानी में भिगोकर उस पानी को 10 20 मिलीग्राम मात्रा में पीने से ही बुखार में आराम मिलता है और बुखार उतर जाता है।

19 Atibala Benefits to Treat Impotence in Hindi (नपुंसकता की इलाज के लिए )

atibala benefits in hindi मैं अतिबाला के लिए जी के द्वारा इंसान की नपुंसकता को भी दूर किया जा सकता है इसके लिए atibala powder को सुबह शाम खाने से नपुंसकता को दूर किया जा सकता है।

अतिबला के नुकसान

अति बला के अब तक तो किसी भी प्रकार के कोई साइड इफेक्ट सामने नहीं आए क्योंकि यह एक आयुर्वेदिक औषधि वाली दवा है लेकिन फिर भी इस दवा को उपयोग में लेने से पहले अच्छे चिकित्सक से परामर्श जरूर कर ले अगर किसी को लो ब्लड शुगर की शिकायत है और वह महिला स्तनपान करवा रही है तो इस दवा को औषधि रूप में काम लेने से पहले सावधानी बरतने की आवश्यकता है क्योंकि अभी किसी प्रकार का कोई वैज्ञानिक रिसर्च अतिबाला के अर्थ के लिए नहीं हुआ है जो कि ऐसे लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सके इसीलिए बिना डॉक्टर की सलाह के इस जड़ी बूटी को प्रयोग में नहीं ले।

 परंपरागत रूप से इस जड़ी का प्रयोग  महिलाओं में प्रजनन क्षमता को सुधार करने के लिए भी किया गया है लेकिन छोटी मोटी स्टडीज में आती बल्ला के गर्भ धारण करने से और बार-बार मिसकैरेज जैसे होने वाली समस्याओं  में भ्रूण के विकास में मदद करने में बहुत से फायदे इस अवधि के सामने आए हैं हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से इस बात की कि कोई पोस्टिक कि नहीं जा रही है  लेकिन फिर भी भविष्य में कभी भी इस दवा का प्रयोग करने से पहले  चिकित्सक की सलाह अवश्य ले लें और इस प्रकार की कोई भी हर्बल दवा ना खाएं जिससे आपके स्वास्थ्य को कोई परेशानी हो।

FAQ

Q.1 अतिबाला पौधे का वानस्पतिक नाम क्या है?

Ans-एब्युटिलॉन इंडिकम स्वीट

Q.2 अति बला पौधे को संस्कृत में क्या कहते हैं?

Ans-अतिबला, कंकाटीका

Q.3 अतिबला का औषधि रूप में किन-किन चीजों को शामिल किया जाता है?

Ans-जड़,छाल, पत्ते, फूल 

Q.4 अति बला को कोई भी औषधि के रूप में प्रयोग में ले सकता है?

Ans-जी नहीं।

Q.5 अतिबाला के कौन-कौन से गुण हैं?

Ans-आयुर्वेद, सिद्ध, व पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का।

Q.6 अतिबाला औषधि की खुराक क्या बिना डॉक्टर की सलाह कर ली जा सकती है?

Ans – नहीं

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